मधय कशरवसथ (14-16 वरष) क बचच क मतओ क पलन-पषण शलय (Parenting Styles) क एक वशलषणतमक अधययन
Abstract
प्रस्तुत अध्ययन का मुख्य उद्देश्य मध्य किशोरावस्था (14-16 वर्ष) मे बच्चों की माताओं द्वारा अपनाई जाने वाली पालन-पोषण की शैलियों का अध्ययन करना है । किशोरावस्था जीवन का एक संवेदनशील चरण है, जहाँ माता-पिता के व्यवहार का बच्चों के भविष्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है । यह अध्ययन राजस्थान के बांसवाड़ा शहर के नगर परिषद क्षेत्र में आयोजित किया गया । अध्ययन के लिए 120 माताओं का चयन किया गया, जिनके बच्चों की आयु 14 से 16 वर्ष (मध्यम किशोरावस्था) के बीच थी । डेटा संग्रह हेतु रॉबिन्सन, सी. एट अल. (1995)द्वारा विकसित और मेहता, एस., एट अल. (2020)द्वारा संशोधित 'पैरेंटिंग स्टाइल प्रश्नावली' का उपयोग किया गया ।अध्ययन के परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र की अधिकांश माताएँ 'आधिकारिक' (Authoritative) पालन-पोषण शैली का अनुसरण करती हैं, जो बच्चों के प्रति सकारात्मक और सहायक दृष्टिकोण को दर्शाता है । वहीं, कुछ माताओं में 'सत्तावादी' (Authoritarian) पालन पोषण शैली देखी गई जो अधिक नियंत्रण और सख्त अनुशासन पर केंद्रित है । अध्ययन यह निष्कर्ष निकालता है कि माताओं की पालन-पोषण शैली किशोरों के व्यक्तित्व विकास, व्यवहारिक आदतों और भावनात्मक संतुलन को सीधे तौर पर प्रभावित करती है । इस अध्ययन की प्रासंगिकता किशोरों के सर्वांगीण विकास के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान करने और अभिभावकों को जागरूक करने में निहित है ।
Fields of Study & Subjects
Child and Adolescent Psychosocial and Emotional Development
Family Dynamics and Relationships
Psychosocial Factors Impacting Youth
Publication details
- Journal / source
- International Journal of Home Science
- Volume
- 12
- Issue
- 1
- Pages
- 41–43
- Publication date
- 1 January 2026