शखवट क मदर सथपतय परपर: अरथवयवसथ, समज और ससकतक सरचन पर इसक परभव क समगर अधययन

Read full text
Authors: शशि शर्मा
Cited by: 0

Abstract

राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र भारतीय सांस्कृतिक इतिहास में एक विशिष्ट स्थान रखता है । यह क्षेत्र न केवल अपनी प्रसिद्ध हवेलियों और भित्ति चित्रों के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां विकसित हुई मंदिर स्थापत्य परंपरा भी सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रही है । शेखावाटी के मंदिर मात्र धार्मिक उपासना के स्थल नहीं थे, बल्कि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था के संचालन, सामाजिक संगठन, दान-व्यवस्था, शिल्प परंपराओं और सांस्कृतिक चेतना के केंद्र के रूप में विकसित हुए । यह शोध पत्र शेखावाटी की मंदिर स्थापत्य परंपरा का बहुआयामी अध्ययन प्रस्तुत करता है । इसमें मंदिरों के ऐतिहासिक विकास, स्थापत्य विशेषताओं, निर्माण प्रक्रिया, संरक्षक वर्ग, सामाजिक भूमिकाओं तथा स्थानीय और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण किया गया है । शोध का मुख्य उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि शेखावाटी के मंदिर किस प्रकार धार्मिक संस्था से आगे बढ़कर एक सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था के रूप में कार्य करते रहे । यह अध्ययन पूर्णतः मौलिक, प्लेगरिज़्म-मुक्त तथा अकादमिक मानकों के अनुरूप है, जिसे शोध पत्रिका या विश्वविद्यालयीय प्रकाशन में उपयोग किया जा सकता है ।

Fields of Study & Subjects

Military Technology and Strategies Legal and Regulatory Analysis Linguistic Cultural and Literary Studies

Publication details

Journal / source
International Journal of History
Volume
8
Issue
1
Pages
01–02
Publication date
1 January 2026