मधयमक वदयलय म सचलत समवश शकष क करयनवयन क छतर-छतरओ क अधगम सतर पर पडन वल परभव अधययन
Abstract
इस शोध पत्र के द्वारा माध्यमिक विद्यालयों में संचालित समावेशी शिक्षा के क्रियान्वयन का छात्र-छात्राओं के अधिगम स्तर पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन किया गया है। न्यादर्श के रूप में चयनित रीवा जिले के 2 शहरी - 2 ग्रामीण माध्यमिक विद्यालय कुल 36 विद्यालयों, प्रत्येक विद्यालय के प्राचार्य, 2-2 शिक्षक कुल 72 शिक्षक, 2-2 अभिभावक, कुल 72 अभिभावक तथा प्रत्येक विद्यालय से 20 छात्र व 20 छात्राएं कुल 1440 विद्यार्थियों का चयन दैव निदर्शन पद्धति से अध्ययन हेतु किया गया है। शोध क्षेत्र में समावेशी शिक्षा का क्रियान्वयन न केवल छात्रों की शैक्षणिक क्षमताओं को उन्नत कर रहा है, बल्कि यह शैक्षणिक प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी और मनोवैज्ञानिक विकास को भी प्रेरित कर रहा है। यह जानकारी यह भी दर्शाती है कि शिक्षण विधि में नवाचार और समावेशिता का संतुलित उपयोग दीर्घकालिक रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकता है। अध्ययन के मुताबिक, 0.01 विश्वास स्तर पर मानक मान 2.58 और 0.05 विश्वास स्तर पर मानक मान 1.96 निर्धारित है, जबकि इस शोध में प्राप्त सांख्यिकीय मान मात्र 0.30 पाया गया, जो इन दोनों विश्वास स्तरों के निर्धारित मानकों से कम है। इससे स्पष्ट होता है कि अनुसंधान क्षेत्र के माध्यमिक विद्यालयों में संचालित समावेशी शिक्षा का छात्र और छात्राओं के अधिगम स्तर पर पड़े प्रभाव में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं देखा गया।
Fields of Study & Subjects
Military Technology and Strategies
Legal and Regulatory Analysis
Linguistic
Cultural
and Literary Studies
Publication details
- Journal / source
- International Journal of Multidisciplinary Trends
- Volume
- 8
- Issue
- 1
- Pages
- 03–07
- Publication date
- 1 January 2026