दवयगजन अधकर अधनयम 2016: दवयगत क अधकर - आधरत दषटकण

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Authors: प्रशांत गोंड, डॉ. महेश कुमार चौधरी
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Abstract

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 भारत में दिव्यांग व्यक्तियों के सामाजिक, शैक्षिक एवं कानूनी अधिकारों की सुरक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण विधायी दस्तावेज है। यह अधिनियम दिव्यांगता को दया या कल्याण के दृष्टिकोण से हटाकर अधिकार- आधारित परिप्रेक्ष्य में स्थापित करता है। प्रस्तुत समालोचनात्मक अध्ययन का उद्देश्य अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, विशेषकर भेदभाव निषेध, सुगम्यता, शिक्षा तथा सामाजिक सुरक्षा से जुडें पहलुओं का विश्लेषण करना है। यह अधिनियम 1995 के दिव्यांग अधिनियम का स्थान लेता है और दिव्यांगता की परिभाषा को व्यापक बनाते हुए दिव्यांगताओं की संख्या को 7 से बढ़ाकर 21 कर देता है। RPwD Act, 2016 समानता, गरिमा, स्वतंत्रता और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों पर आधारित है। इसमें शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास, न्याय तक पहुंच, और राजनीतिक भागीदारी जैसे क्षेत्रों में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। अधिनियम के अंतर्गत सरकारी और निजी संस्थानों में दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण, समावेशी शिक्षा, सुलभ परिवेश (Accessible Environment) और उचित अनुकूलन (Reasonable Accommodation) का प्रावधान किया गया है।

Fields of Study & Subjects

Disability Rights and Representation Discrimination and Equality Law Legal Rights and Human Rights

Publication details

Journal / source
International Journal of Multidisciplinary Trends
Volume
8
Issue
2
Pages
30–32
Publication date
1 February 2026