अगरय समदय म सर ऊरज आधरत परपरक नमक नरमण क डकयमटर परकरय: एक कस सटड

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Authors: Sandesh Mahajan, Pradeep Mallik
Cited by: 2
References: 7

Abstract

यह शोध-पत्र गुजरात के कच्छ के छोटे रण में पारंपरिक नमक निर्माण में लगे अगरिया समुदाय की आजीविका, सामाजिक ढांचे और संस्कृति में आए महत्वपूर्ण तकनीकी बदलावों का डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से प्रलेखन करता है। हाल के वर्षों में, विशेष तौर पर 2017 के पश्चात, अगरिया समुदाय ने महंगे डीजल पंपों को छोड़कर सौर ऊर्जा आधारित पंपों को अपनाया है, जिससे उनकी उत्पादन लागत में एक-तिहाई की कमी, सामाजिक-आर्थिक जीवन में उत्साहजनक सुधार, और विशेष तौर पर शिक्षा एवं महिलाओं के सशक्तिकरण में प्रगति देखने को मिली है।इस केस स्टडी का उद्देश्य मीडिया, दृश्य नृवंशविज्ञान और सांस्कृतिक अध्ययन के शोधार्थियों को यह समझाना है कि जब कोई संवेदनशील और जटिल सामाजिक विषय चुना जाता है तो डॉक्यूमेंट्री निर्माण की प्रक्रिया में विषय चयन, फील्ड रिसर्च व साक्षात्कार, कथा-विकास, दृश्यांकन इत्यादि जैसे महत्वपूर्ण निर्णय किस प्रकार लिए जाते हैं। इस शोध-पत्र का केंद्र इस बदलाव का डॉक्यूमेंट्री केस स्टडी के रूप में विश्लेषण करना है। यहाँ डॉक्यूमेंट्री केवल दृश्य-श्रव्य कथन का माध्यम नहीं, बल्कि एक शोध पद्धति के रूप में प्रयुक्त हुई है। फिल्म निर्माण के दौरान सामने आए अनुभव, चुनौतियाँ और संभावनाएँ न केवल समुदाय की जीवन परिस्थितियों को उजागर करती हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि हाशिये पर खड़े समुदायों को समझने के लिए ऑडियो-विजुअल शोध कितना कारगर हो सकता है।यह शोध भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) द्वारा प्रदत्त अनुसंधान परियोजना “पारंपरिक नमक उत्पादन के सौरकरण का प्रभाव: कच्छ के लिटिल रण के अगरिया समुदाय का एक केस स्टडी” के अंतर्गत किया गया है।

Fields of Study & Subjects

Military Technology and Strategies Legal and Regulatory Analysis Linguistic Cultural and Literary Studies

Publication details

Journal / source
ShodhVichar Journal of Media and Mass Communication
Publisher
Granthaalayah Publications and Printers
Volume
2
Issue
1
Pages
28–34
Publication date
5 March 2026