वदयरथय क सदरयतमक मलय क उनक सजनतमकत क सदरभ म एक अधययन
Abstract
आधुनिक शिक्षा का उद्देश्य केवल बौद्धिक विकास तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। सौंदर्यात्मक मूल्य विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, कल्पनाशीलता एवं भावनात्मक संतुलन का विकास करते हैं। वहीं सृजनात्मकता व्यक्ति को नवीन सोच, समस्या-समाधान एवं आत्म-अभिव्यक्ति की क्षमता प्रदान करती है। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों में विद्यमान सौंदर्यात्मक मूल्यों एवं सृजनात्मकता के मध्य संबंध का अध्ययन करना है। सौंदर्यात्मक मूल्य व्यक्ति को सौंदर्य, कला, संगीत, साहित्य एवं प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाते हैं, जबकि सृजनात्मकता नवीन विचारों, कल्पनाशक्ति एवं मौलिक अभिव्यक्ति की क्षमता को दर्शाती है। अध्ययन में माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को न्यादर्श (नमूने) के रूप में चयनित किया गया। परिणामों से यह स्पष्ट हुआ कि सौंदर्यात्मक मूल्यों और सृजनात्मकता के बीच सकारात्मक एवं सार्थक संबंध विद्यमान है। यह अध्ययन शैक्षिक प्रक्रिया में कला, संगीत एवं रचनात्मक गतिविधियों के समावेशन की आवश्यकता को इंगित करता है।
Fields of Study & Subjects
Art Education and Development
Creativity in Education and Neuroscience
Values and Moral Education
Publication details
- Journal / source
- International Journal of Humanities and Education Research
- Volume
- 8
- Issue
- 2
- Pages
- 10–12
- Publication date
- 1 February 2026