भरत-बगलदश “सम परबधन क बदलत समकरण”

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Authors: Sumit Tiwari
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Abstract

भारत और बांग्लादेश के मध्य स्थल एवं जलीय सीमा दोनों मौजूद है। यह सीमा रेखा के प्रबंधन करने का उत्तरदायित्व केंद्र सरकार के हाथों में होता है। केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की देखरेख में अर्धसैनिक बल,बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स और कोस्ट गार्ड फोर्स सीमा का प्रबंधन करती है। सीमापार से घुसपैठ ना होने पाए इसके लिए विज्ञान एवं तकनीकी के माध्यम से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।सीमा पर बाढ़ लगाना,तारबंदी, हथबंदी,तेज रोशनी कैमरा (रात्रि एवं दिन कालीन) इमेज भू-सुरंग,अंडरग्राउंड इमेज, सेंसर, रडार आदि की सुविधा बॉर्डर पर कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त जलीय सीमाओं की सुरक्षा के लिए पनडुब्बियों, युद्धपोत,फ्रिगेट,टारपीडो,आइएनएस विक्रमादित्य की तैनाती सीमा के कुछ दूर पर किया गया है। वायु रक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए ड्रोन,एंट्री ड्रोन,छोटे,मध्यम, एवं भारी ड्रोनों,विमानों, हेलीकॉप्टरों से सीमा की निगरानी एवं चौकसी की जा रही है। सैटेलाइट द्वारा,सूचना,डाटा एकत्रण,चित्र लेना और साझा करना दोनों संयुक्त रूप से सेनाओं द्वारा किया जा रहा है। क्षेत्रीय नेविगेशन प्रणाली को मजबूत बनाना है ।

Fields of Study & Subjects

Military Technology and Strategies Legal and Regulatory Analysis Linguistic Cultural and Literary Studies

Publication details

Journal / source
International Journal For Multidisciplinary Research
Volume
8
Issue
1
Publication date
1 January 2026