डजटल आधनकत म गपनयत क कषरण और हद ससकतक चतन क समकषतमक अधययन

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Authors: Jyoti Singh
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Abstract

यह शोध-पत्र डिजिटल आधुनिकता के युग में व्यक्तिगत गोपनीयता के लगातार क्षरण और इसके हिंदी सांस्कृतिक चेतना पर प्रभाव का समीक्षात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। सोशल मीडिया, मोबाइल एप्लिकेशन, बिग डेटा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तीव्र प्रसार ने वैश्विक संपर्क और सुविधा बढ़ाई है, लेकिन निरंतर डेटा संग्रह, निगरानी और प्रोफाइलिंग के माध्यम से निजता के अधिकार को गंभीर चुनौती दी है। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों पर अत्यधिक स्व-प्रदर्शन, हिंग्लिश लेखन, रोमन लिपि में हिंदी और वर्चुअल समुदायों की प्रधानता पारंपरिक सामाजिक मूल्य, पारिवारिक सहभागिता, सामाजिक मर्यादा और भाषाई शुद्धता को प्रभावित कर रही है। डिजिटल साक्षरता और गोपनीयता जागरूकता की कमी इन जोखिमों को बढ़ा रही है। शोध-पत्र सुझाव देता है कि व्यक्तिगत सावधानी, पारिवारिक शिक्षा, सांस्कृतिक-संवेदी नीति निर्माण और तकनीकी डिज़ाइन सुधार के माध्यम से संतुलित दृष्टिकोण अपनाकर डिजिटल लाभों का उपयोग करते हुए हिंदी सांस्कृतिक चेतना और निजता संरक्षित की जा सकती है।

Fields of Study & Subjects

Military Technology and Strategies Legal and Regulatory Analysis Linguistic Cultural and Literary Studies

Publication details

Journal / source
International Journal For Multidisciplinary Research
Volume
8
Issue
1
Publication date
4 January 2026