समज और रषटर वकस म कटर उदयग क यगदन

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Authors: Suresh Kumar
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Abstract

समाज और राष्ट्र विकास किसी एक पहलू नहीं होता है I समाज और राष्ट्र विकास में अनेको तत्वों की भूमिका और योगदान रहता है I यह तत्व आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कला, संसाधन, समाज का प्रत्येक व्यक्ति, समाज का मन, मस्तिष्क, सहभागिता और इच्छा शक्ति आदि अनेकों रूपों में रहते है I इसी क्रम में समाज और राष्ट्र विकास में समाज में निहित संसाधन और व्यक्ति की कला पर आधारित कुटीर उद्योगों का अपना महत्व हैI यह समाज की आजीविका के साथ राष्ट्र समृधि का भी साधन हैI समाज और राष्ट्र विकास की नींव की दृष्टि से यह अध्ययन विशेष महत्व का है I विकास की नींव की पहली सीढ़ी भूमि पर ही रखी जाती है I कुटीर उद्योग आधुनिक विकसित उद्योगों की वह भूमि या शेशव रूप है I यही प्रारंभिक रूप आगे चलकर मजबूत स्तम्भ बनेगा, इसी नींव पर समाज व् राष्ट्र विकास को गति मिलेगीI प्रस्तुत अध्ययन समाज व् राष्ट्र विकास में कुटीर उद्योगों के योगदान पर आधारित है I

Fields of Study & Subjects

Social and Economic Development in India Indian Economic and Social Development Community and Sustainable Development

Publication details

Journal / source
International Journal For Multidisciplinary Research
Volume
8
Issue
1
Publication date
11 January 2026