समज और रषटर वकस म कटर उदयग क यगदन
Abstract
समाज और राष्ट्र विकास किसी एक पहलू नहीं होता है I समाज और राष्ट्र विकास में अनेको तत्वों की भूमिका और योगदान रहता है I यह तत्व आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कला, संसाधन, समाज का प्रत्येक व्यक्ति, समाज का मन, मस्तिष्क, सहभागिता और इच्छा शक्ति आदि अनेकों रूपों में रहते है I इसी क्रम में समाज और राष्ट्र विकास में समाज में निहित संसाधन और व्यक्ति की कला पर आधारित कुटीर उद्योगों का अपना महत्व हैI यह समाज की आजीविका के साथ राष्ट्र समृधि का भी साधन हैI समाज और राष्ट्र विकास की नींव की दृष्टि से यह अध्ययन विशेष महत्व का है I विकास की नींव की पहली सीढ़ी भूमि पर ही रखी जाती है I कुटीर उद्योग आधुनिक विकसित उद्योगों की वह भूमि या शेशव रूप है I यही प्रारंभिक रूप आगे चलकर मजबूत स्तम्भ बनेगा, इसी नींव पर समाज व् राष्ट्र विकास को गति मिलेगीI प्रस्तुत अध्ययन समाज व् राष्ट्र विकास में कुटीर उद्योगों के योगदान पर आधारित है I
Fields of Study & Subjects
Social and Economic Development in India
Indian Economic and Social Development
Community and Sustainable Development
Publication details
- Journal / source
- International Journal For Multidisciplinary Research
- Volume
- 8
- Issue
- 1
- Publication date
- 11 January 2026