बघल लक सहतय और लक ससकत
Abstract
बघेली लोक साहित्य और लोक संस्कृति बघेलखंड क्षेत्र की समृद्ध विरासत का प्रतिनिधित्व करती है, जो मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, सीधी और शहडोल जैसे जिलों में प्रचलित है। यह अध्ययन बघेली भाषा के मौखिक साहित्य, जैसे लोकगीत, लोककथाएँ, लोकोक्तियाँ और मुहावरों, तथा लोक संस्कृति के तत्वों जैसे नृत्य, त्योहार और रीति-रिवाजों का विश्लेषण करता है। बघेली लोक साहित्य सामाजिक मूल्यों, नैतिक शिक्षा और सांस्कृतिक निरंतरता को दर्शाता है, जबकि लोक संस्कृति सामुदायिक एकता, प्रकृति पूजा और जीवन चक्र से जुड़े अनुष्ठानों को उजागर करती है। यह शोध द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है, जिसमें पुस्तकें, पत्रिकाएँ और ऑनलाइन संसाधन शामिल हैं, तथा बघेली संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देता है। कुल मिलाकर, यह बघेली विरासत की जीवंतता को रेखांकित करता है जो आधुनिकता के बीच लुप्त होने के खतरे में है।
Fields of Study & Subjects
Folklore
Mythology
and Literature Studies
Cultural and Sociopolitical Studies
Cultural and Mythological Studies
Publication details
- Journal / source
- International Journal of Advanced Research in Science Communication and Technology
- Pages
- 650–650
- Publication date
- 13 January 2026