लक सहतय म भरतय ससकत

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Authors: डॉ. अल्पना मिश्रा
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Abstract

लोक साहित्य भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग है, जो जनसामान्य के जीवन, मान्यताओं, रीति-रिवाजों और मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है। यह शोध पत्र लोक साहित्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता, एकता और विकास को करता है। लोक गीतों, कहानियों, कहावतों, लोक कथाओं और अन्य रूपों के विश्लेषण से पता चलता है कि लोक साहित्य न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करता है बल्कि सामाजिक परिवर्तनों को भी प्रभावित करता है। यह पत्र प्राचीन से आधुनिक काल तक के लोक साहित्य के उदाहरणों का उपयोग करते हुए संस्कृति के विभिन्न आयामों जैसे धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय पहलुओं पर प्रकाश डालता है। शोध से निष्कर्ष निकलता है कि लोक साहित्य भारतीय संस्कृति की जीवंतता का प्रतीक है और आधुनिक संदर्भों में इसकी प्रासंगिकता बनी हुई है।

Fields of Study & Subjects

Folklore Mythology and Literature Studies Cultural and Sociopolitical Studies Cultural and Mythological Studies

Publication details

Journal / source
International Journal of Advanced Research in Science Communication and Technology
Pages
53–53
Publication date
14 January 2026