लकगत और समजक वकस
Abstract
लोकगीत भारतीय समाज की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न अंग हैं, जो सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह शोध-पत्र लोकगीतों के माध्यम से समाज के प्रतिबिंब, मानव मन की अभिव्यक्ति, सामाजिक एकता और परिवर्तनों का विश्लेषण करता है। विभिन्न क्षेत्रों जैसे उत्तर प्रदेश,छत्तीसगढ़, थारू और भोजपुरी लोकगीतों के उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि ये गीत रीति-रिवाजों, पारिवारिक बंधनों, नैतिक मूल्यों और आर्थिक-सामाजिक मुद्दों को व्यक्त करते हैं। लोकगीत सामाजिक चेतना जगाते हैं, एकता को बढ़ावा देते हैं और आधुनिक परिवर्तनों को अपनाते हुए सांस्कृतिक निरंतरता सुनिश्चित करते हैं। भूमंडलीकरण के दौर में इनकी लुप्त होने की चुनौती है, इसलिए संरक्षण आवश्यक है। यह अध्ययन माध्यमिक स्रोतों पर आधारित है और लोकगीतों को सामाजिक विकास का प्रहरी मानता है।
Fields of Study & Subjects
Folklore
Mythology
and Literature Studies
Cultural and Sociopolitical Studies
Cultural and Mythological Studies
Publication details
- Journal / source
- International Journal of Advanced Research in Science Communication and Technology
- Pages
- 77–77
- Publication date
- 14 January 2026