ववह एव जनम दर पर आधनकत क परभव
Abstract
आधुनिकता ने भारतीय समाज में विवाह की परंपराओं और जन्म दर पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। शिक्षा, शहरीकरण, महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि और वैश्वीकरण जैसे कारकों ने विवाह की आयु में वृद्धि की है, जिससे प्रजनन काल कम हो गया है और जन्म दर में गिरावट आई है। यह शोध पत्र समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से इन परिवर्तनों का विश्लेषण करता है, जिसमें साहित्य समीक्षा के माध्यम से पारंपरिक और आधुनिक समाज की तुलना की गई है। परिणामस्वरूप, विवाह में देरी और छोटे परिवार की प्रवृत्ति ने सामाजिक संरचना को प्रभावित किया है, हालांकि इससे महिलाओं की सशक्तिकरण में सकारात्मक बदलाव आया है।यह अध्ययन द्वितीयक डेटा पर आधारित है, जिसमें साहित्य समीक्षा, जनगणना डेटा और समाजशास्त्रीय सिद्धांतों का उपयोग किया गया है। परिणाम दर्शाते हैं कि आधुनिकता ने जन्म दर को कम किया है, जो जनसंख्या नियंत्रण के लिए सकारात्मक है, लेकिन इससे सामाजिक असंतुलन जैसे बुजुर्गों की देखभाल और लिंग अनुपात में विकृति उत्पन्न हो सकती है। महिलाओं का सशक्तिकरण एक प्रमुख सकारात्मक प्रभाव है, जहां शिक्षा ने विवाह आयु को बढ़ाकर प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार किया है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी पारंपरिक मूल्य हावी हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में आधुनिकता का प्रभाव अधिक स्पष्ट है। यह पत्र नीति निर्माताओं के लिए सुझाव देता है कि आधुनिकता के प्रभाव को संतुलित करने के लिए परिवार समर्थन कार्यक्रम विकसित किए जाएं। कुल मिलाकर, आधुनिकता भारतीय समाज को परिवर्तित कर रही है, लेकिन सांस्कृतिक निरंतरता को बनाए रखना आवश्यक है।
Fields of Study & Subjects
Marriage and Family Dynamics
Family Dynamics and Relationships
Demographic Trends and Gender Preferences
Publication details
- Journal / source
- International Journal of Advanced Research in Science Communication and Technology
- Pages
- 293–293
- Publication date
- 18 January 2026