भरत म करपट करस वनयमन: वततय समवश क अवसर और चनतय
Abstract
यह शोध पत्र भारत में क्रिप्टोकरेंसी (वर्चुअल डिजिटल एसेट्स - VDAs) के विनियमन की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करता है तथा वित्तीय समावेश के परिप्रेक्ष्य में इसके अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा करता है। फरवरी 2026 तक भारत में कोई व्यापक क्रिप्टोकरेंसी कानून नहीं बना है। सरकार आंशिक निगरानी (PMLA के तहत FIU-IND पंजीकरण) पर जोर दे रही है, जबकि 30% फ्लैट टैक्स और 1% TDS व्यवस्था बरकरार है। RBI e-रुपया (CBDC) को बढ़ावा दे रहा है। वित्तीय समावेश के लिए क्रिप्टो अंबैंकेड/अंडरबैंक्ड आबादी तक सस्ती पहुंच, रेमिटेंस और DeFi सेवाएं प्रदान कर सकता है, लेकिन अस्थिरता, सुरक्षा जोखिम, नियामक अनिश्चितता और डिजिटल साक्षरता की कमी प्रमुख चुनौतियां हैं। शोध द्वितीयक स्रोतों पर आधारित है और संतुलित विनियमन की सिफारिश करता है ताकि लाभ अधिकतम हों और जोखिम न्यूनतम।
Fields of Study & Subjects
FinTech
Crowdfunding
Digital Finance
Blockchain Technology Applications and Security
Digital Transformation in Law
Publication details
- Journal / source
- International Journal of Advanced Research in Science Communication and Technology
- Pages
- 706–706
- Publication date
- 11 February 2026
- Language
- HI