भरत म गग इकनम क रजगर सजन पर परभव: 2025-2030 क बच अनमनत 2.35 लख करड रपय GDP यगदन क वशलषण

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Authors: डॉ. दिलीप तवारी
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Abstract

गिग इकोनॉमी भारत में तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (जैसे Ola, Uber, Swiggy, Zomato) के माध्यम से लचीले रोजगार प्रदान करता है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, FY 2021 में 77 लाख गिग वर्कर्स से बढ़कर FY 2025 में 1.2 करोड़ हो गए हैं, जो कुल कार्यबल का 2% से अधिक है। 2029-30 तक गैर-कृषि गिग कार्यबल 6.7% तक पहुँचने और ₹2.35 लाख करोड़ GDP योगदान देने का अनुमान है। यह शोध पत्र गिग इकोनॉमी के रोजगार सृजन, आर्थिक योगदान, चुनौतियों (आय अस्थिरता, सामाजिक सुरक्षा की कमी) और नीतिगत सुझावों का विश्लेषण करता है। द्वितीयक डेटा पर आधारित यह अध्ययन दर्शाता है कि गिग इकोनॉमी रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, लेकिन श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

Fields of Study & Subjects

Digital Economy and Work Transformation Digital Platforms and Economics Legal and Labor Studies

Publication details

Journal / source
International Journal of Advanced Research in Science Communication and Technology
Pages
718–718
Publication date
11 February 2026
Language
HI