समकलन परवश म पलसग क तकनक, नतक एव समदयक आयम: एक समगर समकष
Abstract
वर्तमान वैश्वीकरण और तकनीकी विकास के युग में पुलिसिंग की अवधारणा पारंपरिक ढाँचों से आगे बढ़कर एक जटिल समाजशास्त्रीय प्रक्रिया बन गई है। इस समीक्षा पत्र में पुलिसिंग के तकनीकी, नैतिक और सामुदायिक आयामों का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि आधुनिक तकनीक, जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल सर्विलांस और साइबर पुलिसिंग, किस प्रकार कानून प्रवर्तन की प्रकृति को प्रभावित कर रही है। साथ ही, पुलिस और समुदाय के बीच बदलते संबंधों तथा पुलिस अधिकारियों द्वारा झेली जाने वाली नैतिक चुनौतियों का भी विश्लेषण किया गया है। इस समीक्षा से यह निष्कर्ष निकलता है कि आधुनिक समाज में पुलिसिंग केवल अपराध नियंत्रण का उपकरण नहीं, बल्कि सामाजिक विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही का संवाहक भी है। अतः, प्रभावी पुलिस सुधार और नैतिक प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस–समाज संबंधों को और सुदृढ़ किया जा सकता है।
Fields of Study & Subjects
Policing Practices and Perceptions
Criminal Justice and Penology
Crime
Deviance
and Social Control
Publication details
- Journal / source
- International Journal of Advanced Research in Science Communication and Technology
- Pages
- 749–749
- Publication date
- 12 February 2026
- Language
- HI