Migratory Birds of Ranchi: Seasonal Occurrence, Origins, Migration Patterns, and Conservation Implications

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Authors: Manoj Kumar
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Abstract

राांची, जो झारखांड की राजधानी है और पूर्वी भारत में छोटानागपुर पठार पर स्थित है, मध्य एशशयाई प्रर्वासी मागग (Central Asian Flyway - CAF) से होकर प्रर्वास करने र्वाले पक्षियों के शलए एक महत्त्र्वपूर्ग थिल के रूप में कायग करता है। शहर के जलाशय—वर्वशेष रूप से धुर्वाग (हटटया) डैम, रुका/गेटलसूद जलाशय और काांके डैम—साल भर पैशलयकगटटक जलपक्षियों, पासरीन (गायन पक्षियों) तिा मागग-प्रर्वासी प्रजाततयों की वर्ववर्वधता का सहारा देते हैं। यह लेख इन प्रर्वासी पक्षियों की मौसमी उपस्थितत, प्रजाततयों की उत्पवि, प्रर्वास को प्रेररत करने र्वाले कारर्ों तिा सांरिर् सांबांधी चचांताओां का एक व्यापक सांकलन प्रथतुत करता है, स्जसे थिल-वर्वशशष्ट अशभलेखों और समीक्षित पाररस्थिततकी शसदधाांतों दर्वारा समचिगत ककया गया है।मुख्य तनष्कषों में शाशमल हैं: (1) पतझड़ के दौरान गागेनी (Garganey) और स्व्हथकडग टनग (Whiskered Tern) जैसी प्रजाततयों का प्रर्वास। (2) शीतकाल में उच्चतम उपस्थितत, स्जसमें नॉदगनग शोर्वेलर, गैडर्वाल, यूरेशशयन वर्वजन, कॉमन टील और रेड-क्रेथटेड तिा कॉमन पॉचाडग जैसे डाइवर्वांग बतखों का र्वचगथर्व होता है, साि ही ब्लूथ्रोट, र्वैगटेल्स, ब्लैक रेडथटाटग और साइबेररयन थटोनचैट जैसे थिलीय प्रर्वासी पिी भी शाशमल हैं। (3) र्वसांत ऋतु में उिर की ओर लौटने र्वाला प्रर्वास। (4) मानसून के दौरान थिानीय पिी प्रजाततयों का आगमन। इस मौसमी प्रर्वृवि (phenology) के पीछे प्रर्वास की सर्वोिम रर्नीततयााँ, सांसाधन-आधाररत ठहरार्व पाररस्थिततकी (stopover ecology) तिा जलर्वायु-आधाररत ढलान प्रमुख कारक हैं। इन सबका सांरिर् से जुड़े व्यापक तनटहतािग हैं, वर्वशेषकर आर्वास प्रबांधन, नीततगत हथतिेप और सामुदातयक थतर पर पिी सांरिर् कायों के सांदभग में, खासकर CAF िेत्र में।

Fields of Study & Subjects

Avian ecology and behavior Species Distribution and Climate Change Coleoptera: Cerambycidae studies

Publication details

Journal / source
Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
Publication date
10 January 2026
Language
EN