मनव जवन पर परदयगक क परभव

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Authors: डॉ. सुभाष चन्द्र बडोला
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Abstract

प्रौद्योगिकी ने आधुनिक मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को गहराई से प्रभावित किया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार, रोजगार, व्यक्तिगत जीवन, समाज तथा पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में तकनीकी नवाचारों ने जहाँ सुविधाओं, दक्षता और वैश्विक संपर्क को बढ़ाया है, वहीं अनेक नई चुनौतियाँ भी उत्पन्न की हैं। इस शोध लेख में प्रौद्योगिकी के बहुआयामी प्रभावों का विश्लेषण किया गया है, जिसमें इसके सकारात्मक तथा नकारात्मक दोनों पक्षों को रेखांकित किया गया है। लेख में यह स्पष्ट किया गया है कि आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल संचार माध्यमों और स्वचालन ने मानव जीवन को अधिक सरल और प्रभावी बनाया है, परंतु साथ ही मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ, सामाजिक संबंधों में कमी, रोजगार असमानता और पर्यावरणीय संकट जैसी समस्याएँ भी उभरी हैं। अध्ययन का उद्देश्य प्रौद्योगिकी के संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता को रेखांकित करना है, ताकि इसके लाभों को अधिकतम और हानिकारक प्रभावों को न्यूनतम किया जा सके। यह लेख प्रौद्योगिकी और समाज के संबंध को समझने की दिशा में एक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।

Fields of Study & Subjects

Military Technology and Strategies Legal and Regulatory Analysis Linguistic Cultural and Literary Studies

Publication details

Journal / source
Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
Publication date
5 January 2026
Language
HI