यवओ क रजनतक जगरकत और जन-भगदर पर फसबक आधरत कटट क परभव: एक वशलषणतमक अधययन
Abstract
डिडिटल युर् में सोर्ल मीडिया रािनीडिक संचार का प्रमुख माध्यम बन चुका है। फेसबुक िैसे मंचों ने युवाओं िक रािनीडिक सूचना, डवचार और डवमर्ग को िीव्र र्डि से पहुँचाया है। प्रस्तुि अध्ययन का उद्देश्य 18–29 आयु-वर्ग के युवाओं में राजनीतिक जागरूकिा िथा जन-भागीदारी (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) पर फेसबुक आधाररि कं टेंट—िैसे समाचार पोस्ट, रािनीडिक डवज्ञापन, वीडियो/रील, मीम्स, लाइव चचागएुँ िथा समूह/पेि र्डिडवडधयों—के प्रभाव का डवश्लेषण करना है। अध्ययन में डमडिि र्ोधपद्धडि (मात्रात्मक एवं र्ुणात्मक) अपनाई र्ई। 400 युवाओं के सवेक्षण, चयडनि फेसबुक कं टेंट के डवश्लेषण िथा अधग-संरडचि साक्षात्कारों के माध्यम से यह िांचा र्या डक कौन-से कं टेंट स्वरूप िार्रूकिा और सहभाडर्िा को बढािे हैं िथा भ्रामक/ध्रुवीकरणकारी सामग्री युवाओं की रािनीडिक समझ और डवश्वास को डकस प्रकार प्रभाडवि करिी है। डनष्कषग बिािे हैं डक फेसबुक का डववेकपूणग उपयोर् रािनीडिक िानकारी और संवाद को सुदृढ करिा है, परन्तु भावनात्मक और भ्रामक कं टेंट से सिही सहभाडर्िा एवं ध्रुवीकरण की आर्ंका भी बढिी है। अध्ययन नीडि-डनमागण, मीडिया साक्षरिा और डिडिटल नार्ररकिा के डलए उपयोर्ी सुझाव प्रस्तुि करिा है।
Fields of Study & Subjects
Military Technology and Strategies
Legal and Regulatory Analysis
Linguistic
Cultural
and Literary Studies
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 9 January 2026