मडकल शकष म परवश हत तयर कर रह आरकषत व अनरकषत वरग क परतयग वदयरथय क मन:सथत क अधययन
Abstract
मनःस्थिति मानव मन की एक दशा होती है जो समय, स्थान व परिस्थिति के सापेक्ष होती है न तो यह स्थिर होती है न कभी भी भावविहीन। एक ही घटना या स्थिति अलग-अलग व्यक्तियों पर एक समान प्रभाव भी डाल सकती है और अलग-अलग प्रभाव भी डाल सकती है। यदि कोई व्यक्ति अपने आपको किसी वस्तु, घटना या परिस्थिति से जोड़कर चलता है तो वह प्रभावित अवश्य होता है चाहे वह घटना या परिस्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर की हो या स्थानीय स्तर की व्यक्ति पर प्रभाव अवश्य डालती है। उदाहरण के लिए भारतीय शिक्षा एवं सेवाओं में लागू आरक्षण व्यवस्था को ही ले लिया जाए तो यह विभिन्न शिक्षा एवं सेवाओं में प्रवेश हेतु तैयारी कर रहे विभिन्न वर्ग के प्रतियोगी विद्यार्थियों को प्रभावित अवश्य करती है चाहे वे विद्यार्थी आरक्षित श्रेणी से हो या अनारक्षित श्रेणी से। इसका प्रभाव मेडिकल शिक्षा में प्रवेश हेतु तैयारी कर रहे आरक्षित व अनारक्षित श्रेणी के प्रतियोगी विद्यार्थियों की मनःस्थिति पर किस प्रकार पड़ता है? इसे ही जानने हेतु प्रस्तुत शोध किया गया है। इस शोध हेतु शोध परिकल्पना इस प्रकार है कि मेडिकल शिक्षा में प्रवेश हेतु तैयारी कर रहे आरक्षित व अनारक्षित वर्ग के प्रतियोगी विद्यार्थियों की मनःस्थिति में कोई सार्थक अंतर नहीं है। इस शोध का परिसीमांकन वाराणसी व प्रयागराज मंडल के मेडिकल शिक्षा में प्रवेश हेतु तैयारी कर रहे 300 प्रतियोगी विद्यार्थियों तक ही सीमित है। प्रस्तुत शोध हेतु उपकरण के रूप में डॉ. एन.के. चढ्ढा व सुनीता चंदना द्वारा निर्मित डाइमेंशंस ऑफ़ टेंपरामेंट स्केल का प्रयोग किया गया। सांख्यिकीय विश्लेषण हेतु सी.आर. (C.R.) मूल्य परीक्षण का उपयोग किया गया। विश्लेषण से पता चला कि आरक्षित श्रेणी के विद्यार्थियों की मनःस्थिति अनारक्षित श्रेणी के विद्यार्थियों की अपेक्षा सकारात्मक है। तकनीकी पद- मेडिकल शिक्षा, आरक्षण, प्रतियोगी छात्र।
Fields of Study & Subjects
Student Stress and Coping
Medical Education and Admissions
Healthcare professionals’ stress and burnout
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 10 January 2026