भरतय समज म कतरम बदधमतत (Artificial Intelligence) क परभव क अधययन शकषक परपरकषय म।
Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र भारतीय समाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव का अध्ययन शैक्षिक परिप्रेक्ष्य में करता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक उन्नत तकनीक है, जो मशीनों को मानव जैसी सोच, निर्णय लेने, सीखने तथा समस्या समाधान की क्षमता प्रदान करती है। वैश्वीकरण और डिजिटल क्रांति के वर्तमान दौर में इस तकनीक ने शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन किए हैं। भारतीय शिक्षा प्रणाली, जो लंबे समय तक पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों पर आधारित रही है, अब धीरे-धीरे तकनीक आधारित और कृत्रिम बुद्धिमत्ता समर्थित शिक्षण प्रणाली की ओर अग्रसर हो रही है। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग, उसके प्रभावों, संभावनाओं तथा उससे जुड़ी चुनौतियों का विश्लेषण करना है। विशेष रूप से यह अध्ययन यह समझने का प्रयास करता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता किस प्रकार शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, मूल्यांकन प्रणाली, शिक्षक की भूमिका तथा विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को प्रभावित कर रही है। अनुसंधान विधि के रूप में इस अध्ययन में वर्णनात्मक एवं विश्लेषणात्मक पद्धति को अपनाया गया है। अध्ययन में द्वितीयक आँकड़ों का उपयोग किया गया है, जिनमें शोध पत्र, सरकारी रिपोर्टें, शैक्षिक नीतियाँ तथा अन्य विश्वसनीय स्रोत सम्मिलित हैं। अध्ययन से यह निष्कर्ष प्राप्त होता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा को अधिक व्यक्तिगत, लचीला तथा प्रभावी बना रही है, किंतु इसके साथ-साथ यह डिजिटल असमानता, डेटा की गोपनीयता तथा नैतिक प्रश्नों जैसी गंभीर चुनौतियाँ भी उत्पन्न कर रही है। अंततः यह अध्ययन संकेत देता है कि यदि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का संतुलित, समावेशी और नैतिक उपयोग किया जाए, तो यह भारतीय शिक्षा प्रणाली को अधिक सशक्त और समानतापूर्ण बना सकती है।
Fields of Study & Subjects
Artificial Intelligence in Education
Ethics and Social Impacts of AI
Artificial Intelligence Applications
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 10 January 2026
- Language
- HI