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Abstract
सारांश: यह शोधपत्र विकसित भारत@2047 के निर्माण में शिक्षक-शिक्षा की केंद्रीय भूमिका का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है। प्रस्तावना में भारत की प्राचीन शिक्षा परंपरा (नालंदा, तक्षशिला) से आधुनिक NEP 2020 तक का उल्लेख करते हुए शिक्षा को राष्ट्र-निर्माण की आधारशिला बताया गया है। विकसित भारत की परिकल्पना 'पंच प्राण' पर आधारित है, जिसमें आर्थिक आत्मनिर्भरता (5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था), सामाजिक समावेशिता, शिक्षा-स्वास्थ्य सुधार, तकनीकी नवाचार, पर्यावरण स्थिरता और सांस्कृतिक गौरव शामिल हैं। शिक्षक-शिक्षा की चार प्रमुख भूमिकाएँ रेखांकित हैं: (1) कौशल विकास व डिजिटल साक्षरता (AI, PM e-VIDYA), (2) नवाचार-अनुसंधान (DIETs, R&D हब), (3) सामाजिक समानता (भावनात्मक बुद्धिमत्ता, Dropout न्यूनीकरण), तथा (4) सतत विकास (SDGs, नेट-जीरो)। चुनौतियाँ जैसे गुणवत्ता की कमी, डिजिटल डिवाइड, शिक्षक-अभाव और पुराने मूल्यांकन पर चर्चा की गई है। समाधान में 4-वर्षीय बीएड, NISHTHA 2.0, CPD, PPP और NCTE सुधार सुझाए गए हैं। Key words: विकसित भारत@2047, पंच प्राण—आर्थिक (PLI, MSME), सामाजिक (Beti Bachao), शिक्षा (5+3+3+4), स्वास्थ्य (आयुष्मान), तकनीक (UPI, 5G), पर्यावरण (LiFE),
Fields of Study & Subjects
Global Education Systems and Policies
Education and Cultural Studies
Education and Teacher Training
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 16 January 2026
- Language
- HI