रषटरय शकष नत (NEP–2020) म परसतवत चरतरनरमणतमक शकष और परमचनद क कथ–ससर: वदयलय पठयचरय क लए एक वयवहरक रपरख

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Authors: डॉ. सुनीता खरे व्यास भारतकुमार हसमुखलाल
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Abstract

रतष्ट्र ीय हशक्षत नीहत–2020 (NEP–2020) भतरतीय हशक्षत व्यिस्र्थत को कौशल, मूल्ोां और व्यक्तित्व के समग्र हिकतस की ओर पुनसंगहित करती है। इस नीहत में चतररत्रहनमताणतत्मक हशक्षत—जैसे सहतनुभूहत, नैहतकतत, सांिेदनत, सत्यहनष्ठत, सह–अक्तस्तत्व और सतमतहजक उत्तरदतहयत्व—को केन्द्रीय स्र्थतन हदयत गयत है। दूसरी ओर प्रेमचन्द कत कर्थत–सांसतर भतरतीय समतज कत नैहतक दपाण है, हजसमें ईमतनदतरी, करुणत, समतनतत, श्रम–मूल् और सतमतहजक न्यतय जैसे गुण स्पष्ट् रूप से उभरते हैं। इस शोध–पत्र में यह हिश्लेषण हकयत गयत है हक प्रेमचन्द की कहतहनयोां के मतध्यम से हकस प्रकतर हिद्यतलयी पतठ्यचयता में चतररत्रहनमताणतत्मक हशक्षत को व्यिहतररक ि प्रभतिी रूप में लतगू हकयत जत सकतत है। लेख में पतठ्यचयता–एकीकरण, गहतहिहध–आधतररत हशक्षण, मूल्–आधतररत मूल्तांकन तर्थत जीिन–कौशल आधतररत अभ्यतसोां कत हिस्तृत ढताँचत प्रस्तुत हकयत गयत है।

Fields of Study & Subjects

Values and Moral Education Education and Character Development Multicultural Education and Local Wisdom

Publication details

Journal / source
Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
Publication date
17 January 2026