भरत क पकसतन क परत वदश नत क बदलत सवरप (वरष 2014 स 2025 तक क वशष सदरभ म)
Abstract
भारत–पाकिस्तान संबंध दक्षिण एशिया की अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति में सबसे जटिल, संवेदनशील और दीर्घकालिक द्विपक्षीय संबंधों में से एक रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से ये संबंध औपनिवेशिक विरासत, विभाजन की पीड़ा, क्षेत्रीय विवादों, विशेषकर जम्मू–कश्मीर समस्या, तथा सीमापार आतंकवाद से प्रभावित रहे हैं। स्वतंत्रता के पश्चात दोनों देशों के मध्य चार युद्ध, अनेक सैन्य टकराव, कूटनीतिक संकट और सीमित संवाद के प्रयास देखे गए हैं। वर्ष 2014 के पश्चात भारत की पाकिस्तान के प्रति विदेश नीति में न केवल सकारात्मक परिवर्तन दृष्टिगोचर होता है, बल्कि नीति की संरचना, प्राथमिकताओं और साधनों में भी एक मौलिक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। इस कालखंड में भारत की नीति संवाद-प्रधान और रणनीतिक संयम आधारित दृष्टिकोण से हटकर सशर्त कूटनीति, आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता तथा रणनीतिक प्रतिरोध (Strategic Deterrence) पर आधारित होती गई। यह शोध-पत्र 2014 से 2025 की अवधि में भारत की पाकिस्तान नीति के बदलते स्वरूप का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन में कूटनीतिक घटनाक्रम, आतंकवादी घटनाओं के आँकड़े, सैन्य प्रतिक्रियाएँ, व्यापार एवं आर्थिक संबंधों की प्रवृत्तियाँ तथा अन्तर्राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय संदर्भों को सम्मिलित किया गया है। शोध का तर्क यह है कि भारत की नई नीति ने उसकी रणनीतिक विश्वसनीयता, प्रतिरोध क्षमता और अन्तर्राष्ट्रीय स्थिति को सुदृढ़ किया है, किंतु औपचारिक संवाद तंत्र के सीमित होने से दक्षिण एशिया की क्षेत्रीय स्थिरता के समक्ष नई चुनौतियाँ भी उत्पन्न हुई हैं।
Fields of Study & Subjects
South Asian Studies and Conflicts
Politics and Conflicts in Afghanistan
Pakistan
and Middle East
International Relations and Foreign Policy
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 19 January 2026