करतकर आदलन म सहतय क भमक: एक ऐतहसक वशलषण
Abstract
क्रांतिकारी अपने विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए साहित्य प्रकाशन का सहारा लिया करते थे, ताकि वे अपने विचारों एवं कार्यक्रमों से लोगों को अवगत करा सके तथा भारतीय युवाओं को अपने संगठन तथा कार्यक्रमों से जोड़ सके।यह ध्यान देने योग्य है कि कलकत्ता अनुशीलन समिति के पास चार हजार पुस्तकों की लाइब्रेरी थी। इन पुस्तकों के माध्यम से क्रांतिकारी जनता में देश प्रेम की भावना, आत्म-बलिदान का जज्बा तथा गुलामी के प्रति नफरत, अतीत और मुक्ति संघर्षों के अनुभवों से आम जनता को परिचित कराने का काम करते थे।‘मैन्युअल आफ एक्सप्लोसिव’ नामक पुस्तक ने क्रांतिकारियों के हाथों में विस्फोटक पदार्थ जैसे शक्तिशाली सशस्त्र सौंपने की वकालत की।इस पुस्तक में ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र क्रांति की योजनाओं और गतिविधियों को संचालित करने के तरीकों का उल्लेख मिलता है। इसके अलावा, इसमें उन रणनीतियों का भी उल्लेख है, जिसके माध्यम से छापामार कार्रवाई के दौरान पुलिस से बचने में मदद मिलती थी और इसमें भूमिगत नेटवर्क, गुप्त स्थानों का प्रयोग तथा गोपनीयता बनाए रखने की विधियों पर विशेष ध्यान दिया गया।
Fields of Study & Subjects
Colonial History and Postcolonial Studies
South Asian Studies and Diaspora
Libraries
Manuscripts
and Books
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 10 January 2026
- Language
- HI