बढ परभवत कषतर म कष क उननत तकनक
Abstract
भारत सहित विश्व के अनेक हिस्सों में बाढ़ एक गंभीर प्राकृतिक आपदा के रूप में सामने आती है, जिससे खेतों में जलभराव, मिट्टी का कटाव, उपजाऊपन की हानि और फसलों का भारी नुकसान होता है। परिणामस्वरूप किसानों की आय, खाद्य सुरक्षा और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में पारंपरिक खेती पद्धतियाँ पर्याप्त नहीं होती, इसलिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए नई कृषि तकनीकों का विकास आवश्यक है। इस लेख में ऊँची मेड़ व उठी हुई क्यारियाँ, तैरती हुई खेती, जलभराव सहनशील किस्मों का उपयोग, फसल चक्र व बहुउद्देशीय खेती, सामुदायिक जल प्रबंधन तकनीक तथा जलवायु-स्मार्ट कृषि जैसी पद्धतियों पर चर्चा की गई है। ये तकनीकें न केवल जलभराव और बाढ़ की समस्या का समाधान प्रस्तुत करती हैं बल्कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, किसानों को स्थायी आय के स्रोत उपलब्ध कराने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी सहायक हैं।
Fields of Study & Subjects
Rice Cultivation and Yield Improvement
Water and Land Management
Flood Risk Assessment and Management
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 29 January 2026