आरथक वषमतए और मधयवरगय जवन: गवनद मशर क उपनयस क यथरथवद अधययन
Abstract
समकालीन भारतीय समाज में आर्थिक विषमता केवल “आय का अंतर” नहीं, बल्कि अवसर, प्रतिष्ठा, शिक्षा, रोजगार, उपभोग-संस्कृति और सत्ता-संबंधों का एक समग्र ढांचा है। इसी ढांचे में मध्यवर्ग—जो कभी “स्थिरता” और “संस्कृति” का प्रतीक माना जाता था—आज आकांक्षा, असुरक्षा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक द्वंद्व और उपभोग की दौड़ के बीच अपनी पहचान गढ़ता-बिगाड़ता दिखाई देता है। गोविन्द मिश्र (जन्म 1 अगस्त 1939) समकालीन हिन्दी साहित्य के ऐसे रचनाकार हैं जिनकी रचनाशीलता में मध्यवर्गीय कुलीनता/संस्कार, प्रशासनिक अनुभव, और सामाजिक यथार्थ का सूक्ष्म अवलोकन एक साथ उपस्थित है।
Fields of Study & Subjects
South Asian Studies and Diaspora
Literature: history
themes
analysis
Postcolonial and Cultural Literary Studies
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 30 January 2026