आरथक वषमतए और मधयवरगय जवन: गवनद मशर क उपनयस क यथरथवद अधययन

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Authors: डॉ. देवेंद्र श्रीवास्तव सोनिया
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Abstract

समकालीन भारतीय समाज में आर्थिक विषमता केवल “आय का अंतर” नहीं, बल्कि अवसर, प्रतिष्ठा, शिक्षा, रोजगार, उपभोग-संस्कृति और सत्ता-संबंधों का एक समग्र ढांचा है। इसी ढांचे में मध्यवर्ग—जो कभी “स्थिरता” और “संस्कृति” का प्रतीक माना जाता था—आज आकांक्षा, असुरक्षा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक द्वंद्व और उपभोग की दौड़ के बीच अपनी पहचान गढ़ता-बिगाड़ता दिखाई देता है। गोविन्द मिश्र (जन्म 1 अगस्त 1939) समकालीन हिन्दी साहित्य के ऐसे रचनाकार हैं जिनकी रचनाशीलता में मध्यवर्गीय कुलीनता/संस्कार, प्रशासनिक अनुभव, और सामाजिक यथार्थ का सूक्ष्म अवलोकन एक साथ उपस्थित है।

Fields of Study & Subjects

South Asian Studies and Diaspora Literature: history themes analysis Postcolonial and Cultural Literary Studies

Publication details

Journal / source
Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
Publication date
30 January 2026