रहल सकतययन क यतर वरणन 'मर यरप यतर' क मल सवदन

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Authors: संजय जाधव
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Abstract

हिंदी यात्रा-साहित्य में महापंडित राहुल सांकृत्यायन का योगदान अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। उनकी यात्रा-वृत्तांत कृति ‘मेरी यूरोप यात्रा’ केवल भौगोलिक भ्रमण का विवरण न होकर यूरोप की सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और बौद्धिक संरचना का गहन एवं आलोचनात्मक मूल्यांकन प्रस्तुत करती है। इस कृति में लेखक एक जिज्ञासु यात्री, अनुशासित अध्येता और समाज-चिंतक के रूप में उभरते हैं। राहुल सांकृत्यायन यूरोपीय जीवन-पद्धति की अंधी प्रशंसा न करते हुए भारतीय दृष्टिकोण से उसके गुण-दोषों का वस्तुनिष्ठ विश्लेषण करते हैं। यात्रा के माध्यम से वे ज्ञान, अनुभव और चिंतन का समन्वय स्थापित करते हुए भारतीय समाज के सुधार की प्रेरणा देते हैं। इस प्रकार ‘मेरी यूरोप यात्रा’ हिंदी यात्रा-वृत्तांत साहित्य को वैचारिक गहराई, वैज्ञानिक दृष्टि और आलोचनात्मक चेतना प्रदान करने वाली एक महत्त्वपूर्ण कृति सिद्ध होती है।

Fields of Study & Subjects

Travel Writing and Literature Autobiographical and Biographical Writing Literature: history themes analysis

Publication details

Journal / source
Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
Publication date
31 January 2026