उचच षकष और उसक समसयए
Abstract
स्वामी विवेकानन्द ने शिक्षा के महत्त्व को निरूपित करते हुए कहा है-‘‘शिक्षा वह नहीं है जो पुस्तक में या किसी व्यक्ति के अन्तःकरण में कैद है, बल्कि शिक्षा वह है जिसके द्वारा रचनात्यक इच्छाशक्ति का प्रवाह और सभी का सर्वांगीण विकास होता है। शिक्षा का सार गन की एकाग्रता प्राप्त करना है, तथ्यों का संकलन नहीं।‘‘ शिक्षा व्यक्ति के अन्तःकरण को न केवल परिष्कृत करती है, वरन् एक अच्छे नागरिक का निर्माण भी करती है। किसी भी व्यक्ति को सभ्य, सुसंस्कृत, ज्ञानी एवं आदर्श बनाने में शिक्षा की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। शिक्षित व्यक्ति अपनी सोच को सकारात्मक, रचनात्मक, दूरदर्शी एवं व्यापक बनाकर खुद और समाज को बदलने में कामयाब होता है। स्वामी विवेकानन्द के शब्दों में-‘‘शिक्षा केवल पुस्तकों के ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि यह व्यक्ति को संयमित एवं विकासोन्मुख बनाने की विधा है।‘‘आप खुद सोचें- ‘‘अगर कोई व्यक्ति शिक्षित नहीं होगा तो वह सही-गलत, उचित-अनुचित, न्याय-अन्याय में अन्तर कैसे समझ पाएगा? वह खुद और दूसरों का मूल्य कैसे समझ माएगा? वह मानवीय ओर पाशविक वृत्तियों में अन्तर कैसे कर माम्गा?‘‘प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार विकसित होने का अधिकार है। मानव अधिकारों की घोषणा में इस तथ्य को मूलभूत रूप से स्वीकार किया गया है। इसके लिए शिक्षा और ज्ञान अत्यंत आवश्यक हैं, यह तथ्य सब के लिए शिक्षा की धारणा से बहुत आगे है। फ्रेड्रिक हेयाक ने ज्ञान और शिक्षा में जो अंतर किया है वह अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसके दो बिल्कुल अलग बिंदुओं को इस तरह बताया है कि बाजार व्यवस्था के अंतर्गत प्रयुक्त किया जाने वाला बहुत-सा ज्ञान न तो कोडीफाई किया जा सकता है और न ही उसका भौतिकता से कोई संबंध होता है। जैसेकि दर्जी, रंगाई करने वाले, बेकरी वाले आदि अपने क्षेत्र का जो ज्ञान रखते हैं उसका कोई भी संबंध औपचारिक शिक्षा से नहीं होता। इस प्रकार आर्थिक अवसरों के साधन के रूप में औपचारिक शिक्षा की बड़ी सीमाएं हैं। औपचारिक शिक्षा कुछ अलग तरह के लोगों को बनाती है जैसे- नौकरशाह, प्रबंधक, डॉक्टर, वकील आदि परंतु व्यावसायिक शिक्षा के विकास के बावजूद आर्थिक गतिविधियों में संलग्न और सफल बहुसंख्यक समाज अपना ज्ञान शिक्षा केंद्रों से अलग हट कर पाता है। इसीलिए खिलाड़ी, फैशन मॉडल, फिल्मी कलाकार आदि एक इंजीनियर या समाजशास्त्री शिक्षक से कई गुना अधिक पैसा कमाते हैं। ज्ञान के इस पक्ष को आवश्यक रूप से ध्यान में रखना चाहिए।
Fields of Study & Subjects
Education in Diverse Contexts
Doctoral Education Challenges and Solutions
Global Education Systems and Policies
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 15 January 2026