अमरकनत क कथ-सहतय म बब और परतक मधयवरगय यथरथ क सजनतमक अभवयकत

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Authors: डॉ. शमशाद अली
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Abstract

प्रस्तुत शोध-पत्र में हिंदी कथा-साहित्य के प्रमुख यथार्थवादी कथाकार अमरकान्त के कथा-साहित्य में प्रयुक्त बिंबों और प्रतीकों का विश्लेषण किया गया है। अमरकान्त ने मध्यवर्गीय जीवन की जटिलताओं, संघर्षों, विवशताओं और मानवीय संवेदनाओं को अत्यंत सहज, सशक्त और प्रभावशाली ढंग से अपनी कहानियों में अभिव्यक्त किया है। उनके कथा-शिल्प में बिंब और प्रतीक केवल सौंदर्यात्मक उपकरण न होकर सामाजिक यथार्थ को गहराई से उजागर करने वाले माध्यम बन जाते हैं। इस अध्ययन में यह स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है कि किस प्रकार अमरकान्त साधारण जीवन स्थितियों, पात्रों, पशु-पक्षियों, प्रकृति और दैनिक क्रिया-कलापों के माध्यम से ऐसे बिंब और प्रतीक रचते हैं, जो पाठक के मन में स्थायी प्रभाव छोड़ते हैं। उनके कथा-साहित्य में बिंब और प्रतीक मध्यवर्गीय यथार्थ, सामाजिक विडंबनाओं तथा मानवीय मूल्यों की सजीव अभिव्यक्ति बनकर उभरते हैं। यह शोध-पत्र अमरकान्त की रचनात्मक विशिष्टता को समझने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

Fields of Study & Subjects

Short Stories in Global Literature Literature: history themes analysis Themes in Literature Analysis

Publication details

Journal / source
Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
Publication date
30 January 2026
Language
HI