मनकपर कयल खदन क उतपदन तथ वतरण क रपरख एव खनन करय क सथत

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Authors: Sangeeta shakla, Laxmi Singh
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Abstract

मानिकपुर खुलीखदान छत्तीसगढ़ राज्य के कोरबा जिले में कोरबा कोल्डफील्ड्स के दक्षिण पूर्व हिस्से में अवस्थित है, खदान प्रारंभ वर्ष 1966 में सोवियत कंसल्टेंट की मदद से 1.0 एमटीपीए निर्धारित उत्पादन हेतु शुरू हुआ। सीएमपीडीआईएल द्वारा जून 1976 में 2.0 एमटीपीए उत्पादन हेतु व्यवहारिक प्रतिवेदन तैयार किया गया जिसे सरकार ने दिसम्बर 1978 में अनुमोदित किया था। परियोजना हेतु छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण बोर्ड द्वारा 2005 में 2.5 एमटीपीए क्षमता हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ था। मानिकपुर खुली खदान के विस्तार की पुनरक्षित योजना परियोजना को 3.5 एमटीपीए से 5.25 एमटीपीए के विस्तार हेतु दिनांक 15.09.2015 को एस.ई.सी.एल. बोर्ड द्वारा अनुमोदित के अनुसार यह पाया गया कि मौजूद क्वैरी में अगर बाह्य स्त्रोतो से उत्पादन बढ़ाया जाये तो कोयला और ओबी के विभागीय क्षमता से अधिक उत्पादन की संभावना है। तदनुसार 5.25 एमटीपीए निर्धारित क्षमता के कोयला उत्पादन की वृद्धि के लिये योजना तैयार की गई।खदानों की स्थिति को दृष्टिगत करते हुये यह देखा गया है कि जैसे-जैसे खदान गहरी होती जाती है, अयस्क निकालने के लिये अधिक से अधिक बेकार चट्टानों को हटाना पड़ता है। अंततः एक बिंदु ऐसा आता है जहां उजागर अयस्क से होने वाली उसकी वसूली में लगने वाली लागत से कम हो जाती है तब खनन बंद हो जाता ह *। निकाली गई बेकार चट्टानों और निकाले गये कोयला के अनुपात को कुल खनन कहा जाता है। स्ट्रिपिंग अनुपात 1 ब्रेक-ईवन स्ट्रिपिंग अनुपात कोयला मूल्य और इसमें शामिल लागतो का एक कार्य है। किसी भी खुले गड्ढे वाली खदान के मूल्यांकन और डिजाइन का पहला चरण भंडार का निर्धारण है जैसा कि ऊपर बताया गया है भंडार से संबंधित सभी जानकारी अति आवश्यक है।

Fields of Study & Subjects

Mining Techniques and Economics Coal and Coke Industries Research Engineering and Environmental Studies

Publication details

Journal / source
Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
Publication date
31 January 2026
Language
HI