बहर क वशववदयलय छतर म सशल मडय उपयग, वयकतगत तनव सरत एव मनसक सवसथय सथत क अधययन: एक मनवजञनक वशलषण
Abstract
आज के दौर में सोशल मीडिया बिहार के युवा छात्रों के जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है, किंतु इसका अत्यधिक उपयोग तनाव को बढ़ावा देता है तथा मानसिक स्वास्थ्य को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है। वर्तमान अध्ययन में बिहार के चार प्रमुख विश्वविद्यालयों से चयनित 400 स्नातकोत्तर छात्रों (200 पुरुष, 200 महिला; आयु 18-24 वर्ष) पर सोशल मीडिया उपयोग, सिंह व्यक्तिगत तनाव स्रोत सूची (SPSSI) तथा मिथिला मानसिक स्वास्थ्य स्थिति सूची (MMHSI) के माध्यम से जाँच की गई। आँकड़ों का विश्लेषण वर्णनात्मक सांख्यिकी, टी-परीक्षण, एनोवा तथा सहसंबंध विधियों से किया गया। परिणामों से स्पष्ट हुआ कि महिलाओं में तनाव स्तर पुरुषों से उल्लेखनीय रूप से अधिक है (t = 4.12, p < .001), सोशल मीडिया उपयोग तथा तनाव के मध्य सकारात्मक सहसंबंध (r = .45, p < .001) मौजूद है, तथा मानसिक स्वास्थ्य स्थिति मध्यम स्तर की है। ये निष्कर्ष बिहार जैसे राज्य में डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों तथा परामर्श सेवाओं की अनिवार्यता पर बल देते हैं। अध्ययन की प्रमुख सीमा क्रॉस-सेक्शनल डिजाइन है, जबकि भविष्य के शोध अनुदैर्ध्य अभिगम अपनाने पर केंद्रित हो सकते हैं।(Singh, 2021; Kumar & Prasad, 1986)
Fields of Study & Subjects
Impact of Technology on Adolescents
Student Stress and Coping
Mental Health via Writing
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 31 January 2026
- Language
- HI