कटलय क परचन रणनतक जञन क आधनक डजटल यदध (सइबर सरकष नत) म अनपरयग

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Authors: Kesar Kunwar Devda, Dr. Aparna Shrivastava
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Abstract

आधुनिक साइबर सुरक्षा चुनौतियों का समाधान खोजते समय, प्राचीन भारतीय रणनीतिक चिंतन की प्रासंगिकता अक्सर अनदेखी की जाती है। यह शोध कौटिल्य के अर्थशास्त्र में वर्णित युद्ध नीति सिद्धांतों और समकालीन साइबर सुरक्षा रणनीतियों के बीच वैचारिक समानताओं की जांच करता है। 2300 वर्ष पुराने इन सिद्धांतों का विश्लेषण करते हुए, हम पाते हैं कि कौटिल्य की गूढ़ युद्ध अवधारणा, शत्रु विश्लेषण पद्धति, और बहुस्तरीय सुरक्षा दृष्टिकोण आधुनिक साइबर खतरों से निपटने में अत्यंत प्रासंगिक हैं। शोध में 35 साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के साक्षात्कार और 50 साइबर हमलों के केस अध्ययन शामिल हैं। निष्कर्ष दर्शाते हैं कि कौटिल्य के षाड्गुण्य सिद्धांत (संधि, विग्रह, यान, आसन, द्वैधीभाव, संश्रय) साइबर रक्षा रणनीतियों के साथ 78% तक सामंजस्य रखते हैं। गूढ़ पुरुष (जासूस) की अवधारणा आधुनिक पेनिट्रेशन टेस्टिंग और थ्रेट इंटेलिजेंस से मेल खाती है, जबकि कूट युद्ध तकनीकें साइबर धोखाधड़ी और डिसइनफॉर्मेशन अभियानों से समानता रखती हैं। यह अध्ययन भारतीय संगठनों के लिए सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक साइबर सुरक्षा ढांचा विकसित करने में योगदान देता है।

Fields of Study & Subjects

Cybersecurity and Cyber Warfare Studies Information and Cyber Security Military History and Strategy

Publication details

Journal / source
Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
Publication date
10 February 2026
Language
HI