जनपद जनपर क गरमण वकस म लघ एव कटर उदयग क भमक क भगलक आयम
Abstract
प्रस्तुत अध्ययन में भारत के ग्रामीण विकास में लघु एवं कुटीर उद्योगों की भूमिका का भौगोलिक विश्लेषण किया गया है, विशेष रूप से जौनपुर जनपद के संदर्भ में। भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ ग्रामीण क्षेत्रों में पूँजी की कमी, बेरोज़गारी तथा मौसमी रोजगार जैसी समस्याएँ विद्यमान हैं। ऐसी स्थिति में लघु एवं कुटीर उद्योग कम पूँजी, स्थानीय कच्चे माल तथा पारंपरिक कौशल के उपयोग द्वारा ग्रामीण जनसंख्या को रोजगार उपलब्ध कराते हैं। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि जौनपुर जनपद में पंजीकृत लघु उद्योगों एवं औद्योगिक इकाइयों का वितरण असमान है, फिर भी ये उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, आय में वृद्धि, बेरोज़गारी में कमी तथा संतुलित क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। निष्कर्षतः, लघु एवं कुटीर उद्योग ग्रामीण विकास, आर्थिक समानता तथा आत्मनिर्भरता के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और इनके विस्तार हेतु सरकारी नीतियों, निवेश एवं प्रशिक्षण की आवश्यकता है।
Fields of Study & Subjects
Social and Economic Development in India
Regional Development and Innovation
Indian Economic and Social Development
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 31 January 2026
- Language
- HI