वरतमन समय म शकषक चनतय एव उनक समधन हत सझव क अधययन-भरतय परपकषय म

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Authors: डॉ. यदु शर्मा, रूचि सोनी
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Abstract

आज के तकनीकी युग में शिक्षा मनुष्य के जीवन के लिए अति आवश्यक बनी हुई है शिक्षा के बिना मानव जीवन की कल्पना करना वर्तमान में एक असामान्य बात लगती है। तकनीकी क्षेत्र में एक दूसरे से आगे निकलने के लिए विकासशील देशों में युद्ध छिड़ा हुआ है किसी देश को तभी पहचान जाता है कि इसकी तकनीकी कितनी समृद्ध शक्तिशाली है। शिक्षा के माध्यम से ही संभव है कि कोई देश तकनीकी रूप से कितना व आर्थिक रूप से कितना विकसित होगा। वर्तमान समय में शिक्षा को सुगम बनाने के लिए सरकार व विभिन्न प्रकार की नीति निर्धारण की गई है परंतु फिर भी शिक्षा का प्रचार और प्रसार से ही प्रकार से नहीं हो पा रहा है अर्थात सभी को शिक्षा नहीं मिल पा रही है। जब तक शिक्षा के प्रचार प्रसार से जुड़ी हुई समस्याओं को स्थाई रूप से नहीं निवृत्त किया जाता तब तक शिक्षा सभी के लिए संभव नहीं हो पाएगी। करने के बावजूद भी विभिन्न प्रकार की समस्याएं शिक्षण संस्थाओं, शिक्षकों व अध्यापकों के सामने आ रही है छात्र भी इन समस्याओं से अछूते नहीं है। प्रस्तुत पत्र में इन्हीं सभी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है वह उनके समाधान हेतु उचित उपाय सूज गए हैं ताकि भविष्य में इस प्रकार की संभावनाओं से बचा जा सके व राष्ट्र को एक विकसित राष्ट्र बनाया जा सके।

Fields of Study & Subjects

Global Education Systems and Policies Education in Diverse Contexts Education and Cultural Studies

Publication details

Journal / source
Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
Publication date
11 February 2026
Language
HI