भरतय शकष परपर क एक समजशसतरय अधययन
Abstract
भारतीय शिक्षा परंपरा विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध शिक्षा परंपराओं में से एक है। यह परंपरा सदियों से प्रवाहित होती रही है, और इसे कई परिवर्तनों का सामना करना पड़ा है। भारतीय शिक्षा का मुख्य उद्देश्य ज्ञानार्जन, चरित्र निर्माण और समाज सेवा को महत्व देना रहा है। भारतीय शिक्षा का आधार वेदों, उपनिषदों और अन्य प्राचीन ग्रंथों में निहित है। इन ग्रंथों में जीवन के विभिन्न पक्षों के बारे में जानकारी दी गई है, जिसमें शिक्षा का भी महत्वपूर्ण स्थान है। भारतीय शिक्षा में गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष महत्व रहा है। गुरु शिष्य को ज्ञान प्रदान करता है और उसके चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारतीय शिक्षा परंपरा में विभिन्न शिक्षा प्रणालियां विकसित हुई हैं, जैसे कि गुरुकुल और पाठशाला। इन प्रणालियों में शिक्षा का माध्यम संस्कृत था, और शिक्षा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और संस्कार प्रदान करना था। भारत में विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों का समागम हुआ है, जिसने भारतीय शिक्षा परंपरा को समृद्ध बनाया है। विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के योगदान से भारतीय शिक्षा में विविधता आई है, और विभिन्न विषयों का अध्ययन संभव हुआ है। भारतीय शिक्षा परंपरा का महत्व आज भी बना हुआ है। भारतीय शिक्षा में निहित मूल्य और सिद्धांत आधुनिक शिक्षा के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकते हैं। भारतीय शिक्षा का लक्ष्य न केवल ज्ञान प्रदान करना बल्कि विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण करना और उन्हें समाज सेवा के लिए प्रेरित करना है। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न कालों में भारतीय शिक्षा प्रणाली के विकास का अध्ययन करना एवं आधुनिक शिक्षा प्रणाली में भारतीय शिक्षा परंपरा के योगदान का मूल्यांकन करना होगा ।इस अध्ययन के लिए प्राचीन भारतीय ग्रंथों, ऐतिहासिक दस्तावेजों, शोध पत्रों और विभिन्न अध्ययनों का गहन अध्ययन किया जाएगा। यह अध्ययन भारतीय शिक्षा परंपरा की समृद्धता और विविधता को उजागर करेगा। साथ ही, यह आधुनिक शिक्षा प्रणाली में भारतीय शिक्षा परंपरा के समावेश के महत्व को भी रेखांकित करेगा। अध्ययन के अंत में, भारतीय शिक्षा के समक्ष मौजूद चुनौतियों के समाधान के लिए कुछ सुझाव भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
Fields of Study & Subjects
Education and Cultural Studies
Historical Education Studies Worldwide
Indigenous Cultures and Socio-Education
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 31 January 2026
- Language
- HI