21व सद क परथम दशक क महल लखन
Abstract
इक्कीसवी शती के प्रथम दशक का महिला कथा-साहित्य अनेक दृष्टियों से अपने पूर्ववर्ती काल से अलग है | सामाजिक, राजनैतिक, धार्मिक एवं आर्थिक दृष्टि से यह काल उथल-पुथल का होने के कारन इसमें महिला कथा साहित्य में अनेक नविन प्रवृत्तियाँ दिखाई देती है |अनेक देशों से बढ़ते हुए संपर्क के करा भारतीय परिवेश में पारिवारिक, समाजी एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में बहुत अधिक परिवर्तन आया है | बेरोजगारी, बेकारी, महंगाई आदि के कारन आम आदमी की जिंदगी अर्थहीन होती जा रही है | इस बदलते हुए परिवेश के कारन ही इक्कीसवी शती के प्रथम दशक के महिला कथा साहित्य में लीक से हटकर लिखा हुआ कथा साहित्य अनेक दृष्टियों से बदलाव का कथा साहित्य सिद्ध ओता है | इस कथा साहित्य पर उत्तर-आधुनिकता प्रभाव दिखाई देता है | प्रथम दशक में परिवर्तित मूल्य एवं व्यवस्था को ध्यान में रखकर प्रभावी कथा साहित्य लिखने का कार्य महिला लेखिकाओं ने किया है |
Fields of Study & Subjects
Literature: history
themes
analysis
Postcolonial and Cultural Literary Studies
Literary Theory and Cultural Hermeneutics
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 31 January 2026
- Language
- HI