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Abstract
भारतीय ज्ञान परंपरा विश्व की प्राचीनतम, समृद्ध तथा बहुआयामी ज्ञान प्रणालियों में से एक है, जिसने मानव सभ्यता को बौद्धिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दिशा प्रदान की है। वेद, उपनिषद, पुराण, दर्शन, आयुर्वेद, योग, गणित, खगोलशास्त्र, वास्तुशास्त्र, संगीत, नृत्य, साहित्य, लोककथाएँ तथा शिल्पकला जैसी विधाएँ भारतीय चिंतन की गहराई और व्यापकता को प्रतिबिंबित करती हैं। यह ज्ञान परंपरा केवल सैद्धांतिक नहीं रही, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र—स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज, नैतिकता और प्रकृति के साथ संतुलन—से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी रही है।डिजिटल युग ने सूचना के सृजन, संग्रहण, विश्लेषण और प्रसार की प्रक्रियाओं में अभूतपूर्व परिवर्तन किए हैं। इस तकनीकी परिवेश में भारतीय ज्ञान परंपरा का संरक्षण केवल प्राचीन ग्रंथों, हस्तलिखित पांडुलिपियों या मौखिक परंपराओं को सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आधुनिक संदर्भों में पुनः व्याख्यायित कर वैश्विक समाज के लिए सुलभ और उपयोगी बनाना भी है। डिजिटलीकरण, डिजिटल अभिलेखागार, ई-लाइब्रेरी, ऑनलाइन पाठ्यक्रम, ऑडियो-विजुअल दस्तावेज़ीकरण तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी तकनीकें इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। हालाँकि, भारतीय ज्ञान परंपरा के डिजिटल संरक्षण के समक्ष कई चुनौतियाँ भी विद्यमान हैं, जैसे—प्रामाणिकता का संरक्षण, संदर्भहीन प्रस्तुति का खतरा, तकनीकी संसाधनों की असमान उपलब्धता, भाषा एवं लिपि संबंधी जटिलताएँ तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों की समस्या। इन चुनौतियों से निपटने के लिए अकादमिक संस्थानों, सरकारी एजेंसियों, तकनीकी विशेषज्ञों और पारंपरिक विद्वानों के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। यह शोध पत्र डिजिटल युग में भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण की आवश्यकता, संभावनाओं, प्रमुख चुनौतियों तथा व्यावहारिक समाधान रणनीतियों का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि यदि डिजिटल तकनीकों का विवेकपूर्ण और संवेदनशील उपयोग किया जाए, तो भारतीय ज्ञान परंपरा न केवल सुरक्षित रह सकती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर मानव कल्याण के लिए एक सशक्त मार्गदर्शक भी बन सकती है।
Fields of Study & Subjects
Cultural Heritage Management and Preservation
Indian and Buddhist Studies
Digital Humanities and Scholarship
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 25 February 2026
- Language
- HI