कतरम बदधमतत क मनव जवन पर परभव: जममदर, नतकत और मनवय असततव क समकलन वमरश

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Authors: मंजुश्री मैनन
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Abstract

कृत्रिम बुद्धिमत्ता समकालीन सभ्यता की एक युगांतकारी तकनीकी उपलब्धि है, जो मानव जीवन की निर्णय-प्रक्रिया और कार्य-संस्कृति को गहराई से पुनर्संरचित कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्रों में इसके सकारात्मक प्रभावों के साथ-साथ नैतिक उत्तरदायित्व के विघटन और मानवीय संवेदनाओं के मानकीकरण जैसी चुनौतियाँ भी उभरी हैं। तकनीक का उद्देश्य मानव श्रम को प्रतिस्थापित करना नहीं, अपितु क्षमता-विस्तार और कौशल-उन्नयन होना चाहिए। भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की सार्थकता मशीन और मानवीय विवेक के संतुलित सहअस्तित्व में निहित है, जहाँ तकनीक साध्य नहीं, बल्कि मानव कल्याण का साधन मात्र रहे।

Fields of Study & Subjects

Ethics and Social Impacts of AI Literary and Philosophical Studies Innovation Sustainability Human-Machine Systems

Publication details

Journal / source
ಅಕ್ಷರಸೂರ್ಯ (AKSHARASURYA)
Publication date
28 February 2026
Language
HI