लक परपर और आधनक परभव
Abstract
भारतीय लोक परंपरा प्रकृति, आस्था और सामुदायिक जीवन का अभिन्न अंग है, जो त्योहारों, लोककथाओं और लोकनाट्यों के माध्यम से निरंतर प्रवाहित होती रहती है। समकालीन दौर में आधुनिकता ने वैज्ञानिक सोच, तर्कसंगतता और तकनीकी विकास के साथ समाज को नई दिशा दी है। यद्यपि आधुनिकता के कारण संयुक्त परिवार और पारंपरिक मूल्यों में कुछ ह्रास हुआ है, किंतु यह शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में वरदान भी सिद्ध हुई है। परंपरा और आधुनिकता परस्पर विरोधी न होकर एक-दूसरे के पूरक हैं। एक स्वस्थ और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए परंपरा रूपी जड़ों को सुरक्षित रखते हुए आधुनिकता के सकारात्मक पहलुओं के साथ सामंजस्य स्थापित करना समय की मांग है।
Fields of Study & Subjects
Cultural and Sociopolitical Studies
Cultural and Mythological Studies
Folklore
Mythology
and Literature Studies
Publication details
- Journal / source
- ಅಕ್ಷರಸೂರ್ಯ (AKSHARASURYA)
- Publication date
- 28 February 2026
- Language
- HI