भरतय सहतय और ससकत

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Authors: वाल्मिक दशरथ सूर्यवंशी
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Abstract

साहित्य और संस्कृति का एक दूसरे से घनिष्ठ संबंध है | साहित्य जहाँ किसी संस्कृति के मूल्यों ,परम्पराओं और इतिहास की अभिव्यक्ति का माध्यम है| संस्कृति और साहित्य समाज को प्रेरणा प्रदान करते है |साहित्य किसी समाज का सांस्कृतिक प्रतिबिंब होता है , जिसमें उस समाज की भाषा , रीती-रिवाज ,मूल्य और विश्वास शामिल होते है | साहित्य के माध्यम से नए विचार विकसित है ,जो संस्कृति को प्रभावित करते है | लोगों को एकता में बांधते है ,और अपनी पहचान तथा विरासत से जोड़ते है |संस्कृति साहित्य के लिए प्रेरणा का स्रोत होती है ,संस्कृति समाज की मान्यताओं और मूल्यों को अपनाती है |आज समाज के लिए संस्कृति और साहित्य आदर्श मूल्यों का पथ है ,दोनों ने समाज को एकता के सूत्र में बांध रखा है |

Fields of Study & Subjects

Literary Analysis and Cultural Studies Cultural and Mythological Studies South Asian Studies and Diaspora

Publication details

Journal / source
Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
Publication date
28 February 2026
Language
HI