औपनवशक शसन (1857–1947) क परपरकषय म बनदलखणड क महलओ क समजक, आरथक एव शकषक सरचन क बहआयम वशलषण
Abstract
बुन्देलखण्ड उत्तर प्रदेश (झाँसी, बाँदा, हमीरपुर, जालौन, चित्रकूट, महोबा, ललितपुर) एवं मध्य प्रदेश (सागर, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, दतिया) के सीमावर्ती जिलों में फैला एक ऐतिहासिक क्षेत्र है, जो विंध्याचल पर्वतों, यमुना-बेतवा नदियों की उपत्यकाओं से युक्त है। यह कृषि-प्रधान अर्थव्यवस्था, चंदेल-बुंदेला राजवंशों की सामंती परंपराओं एवं योद्धा संस्कृति के लिए जाना जाता है। मुगल, मराठा एवं ब्रिटिश शासन के दौरान यह क्षेत्र विभिन्न आक्रमणों एवं विस्तारवाद का गवाह रहा, जहाँ सामाजिक व्यवस्था जाति-आधारित, पितृसत्तात्मक एवं कृषि-केंद्रित थी।
Fields of Study & Subjects
South Asian Studies and Diaspora
Social and Economic Development in India
Colonial History and Postcolonial Studies
Publication details
- Journal / source
- Journal of Review in International Academic Research
- Publication date
- 27 February 2026
- Language
- HI