आधनक सदरभ क परपरकषय म सरयबल क कथ सहतय
Abstract
सारांश हिन्दी कथा साहित्य में समकालीन महिला रचनाकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। इन रचनाकारों ने साहित्य को केवल भावात्मक अभिव्यक्ति तक सीमित न रखकर उसे सामाजिक यथार्थ की व्याख्या का सशक्त माध्यम बनाया। इस परंपरा में सूर्यबाला का योगदान विशिष्ट है। उनका कथा साहित्य आधुनिक भारतीय समाज के बदलते स्वरूप, मानवीय संबंधों की जटिलता तथा जीवन-मूल्यों के विघटन को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करता है। स्वातंत्र्योत्तर भारत में तीव्र सामाजिक परिवर्तन हुए। शहरीकरण, औद्योगीकरण, वैश्वीकरण और उपभोक्तावादी संस्कृति ने जीवन को नई दिशा दी, किंतु इसके साथ अकेलापन, पारिवारिक विघटन, स्त्री-संघर्ष और वृद्धों की उपेक्षा जैसी समस्याएँ भी उत्पन्न हुईं। सूर्यबाला ने अपने उपन्यासों और कहानियों के माध्यम से इन समस्याओं को साहित्यिक अभिव्यक्ति प्रदान की है।
Fields of Study & Subjects
Short Stories in Global Literature
Literature: history
themes
analysis
South Asian Studies and Diaspora
Publication details
- Journal / source
- Zenodo (CERN European Organization for Nuclear Research)
- Publication date
- 31 January 2026
- Language
- HI