सतनम समदय क समवश वकस और परगत: एक अनभवजनय नषकरष (बलसपर, छततसगढ क सदरभ म)
Abstract
भारत के सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य में ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों का समावेशी विकास सामाजिक न्याय और समानता की स्थापना हेतु अत्यंत आवश्यक है। सतनामी समुदाय, जो गुरु घासीदास जी के समतावादी एवं मानवतावादी सिद्धांतों पर आधारित एक प्रमुख दलित संप्रदाय है, छत्तीसगढ़ की सामाजिक संरचना में विशेष स्थान रखता है। यद्यपि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त समान अधिकारों के बावजूद यह समुदाय लंबे समय तक जातिगत भेदभाव, शैक्षिक पिछड़ेपन और आर्थिक असुरक्षा से प्रभावित रहा है। प्रस्तुत अध्ययन छत्तीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिले के संदर्भ में सतनामी समुदाय के समावेशी विकास और प्रगति का अनुभवजन्य विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इस शोध का उद्देश्य सतनामी समुदाय की सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, भौतिक जीवन-स्थिति, शैक्षिक उपलब्धियों, आर्थिक गतिविधियों तथा सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रियाओं को समझना है। अध्ययन समावेशी विकास की अवधारणा के अंतर्गत यह विश्लेषण करता है कि किस प्रकार शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएँ और राजनीतिक भागीदारी सतनामी समुदाय के जीवन को प्रभावित कर रही हैं। गुरु घासीदास के आंदोलन से प्रेरित यह समुदाय समानता और आत्मसम्मान की चेतना का वाहक रहा है, किंतु आधुनिक समय में इसके समक्ष अनेक संरचनात्मक चुनौतियाँ बनी हुई हैं। अध्ययन में प्राथमिक तथ्यों के संग्रह हेतु उद्देश्यपूर्ण प्रतिचयन तकनीक द्वारा बिलासपुर जिले के 30 सतनामी परिवारों का चयन किया गया। तथ्य साक्षात्कार अनुसूची, गहन साक्षात्कार, गैर-सहभागी अवलोकन एवं व्यैक्तिक अध्ययन विधियों के माध्यम से एकत्र किए गए । अध्ययन के निष्कर्ष दर्शाते हैं कि शिक्षा के प्रति जागरूकता, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के कारण सतनामी समुदाय में सामाजिक चेतना और आत्मसम्मान में वृद्धि हुई है। तथापि उच्च शिक्षा, स्वरोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभी भी पर्याप्त सुधार की आवश्यकता है। निष्कर्षतः सतनामी समुदाय का समावेशी विकास बहुआयामी प्रयासों के माध्यम से ही संभव है, जिसमें राज्य, समाज और समुदाय की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है।
Fields of Study & Subjects
South Asian Studies and Diaspora
Social and Economic Development in India
Indian Economic and Social Development
Publication details
- Journal / source
- International Journal of Multidisciplinary Research and Growth Evaluation
- Volume
- 7
- Issue
- 1
- Pages
- 500–505
- Publication date
- 1 January 2026