परयवरणय दशओ क खल अभरच पर परभव : एक वशलषण

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Authors: सह प्राध्यापक शारीरिक शिक्षा विभाग, सनराइज विश्वविद्यालय, अलवर राजस्थान, विजेन्द्र सिंह सितोलिया, डॉ. अर्जुन सिंह पंवार
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Abstract

खेल और पर्यावरण का गहरा संबंध है। एक-दूसरे का खेलों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। खेल सुरक्षित और आनंददायक खेल के लिए स्वच्छ हवा, मध्यम तापमान, स्वच्छ पानी और स्वच्छ स्थानों पर निर्भर करता है। विभिन्न एथलेटिक गतिविधियाँ अच्छी तरह से संरक्षित प्राकृतिक गतिविधियों पर निर्भर करती हैं। खेल दुनिया को बदलने की ताकत रखता है। यह एक मौलिक अधिकार है और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने तथा सतत विकास और शांति के साथ-साथ एकजुटता और सभी के लिए सम्मान को बढ़ावा देने का एक शक्तिशाली माध्यम है। पर्यावरण के घनिष्ठ संबंध होने के कारण खेल पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए भी एक प्रभावी साधन हो सकता है। खेल वातावरण वह स्थिति एवं परिस्थिति है जिसके अंतर्गत एक खिलाड़ी खेल गतिविधि में शामिल होता है। इसमें मैदान, इंडोर और आउटडोर स्टेडियम, खेल परिसर, स्वास्थ्य क्लब, इंडोर हॉल, व्यायामशाला, कोडियम कोर्ट एवं पार्क आदि क्षेत्र सम्मिलित हैं। दुनिया भर में लाखों लोग अपने पसंदीदा खेल देखते हैं या उनमें भाग लेते हैं, लेकिन मनोरंजन और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए अपनी क्षमता के बावजूद खेल पर्यावरण को खराब भी कर सकता है। इसका समाधान करने के लिए देशभर में पेशेवर टीमों और कॉलेज स्तरीय संस्थाओं को अपनाकर खेल को पर्यावरण परिवर्तन के लिए एक सकारात्मक शक्ति में बदला जा रहा है।

Fields of Study & Subjects

Sports and Physical Education Studies Recreation Leisure Wilderness Management Physical Education and Sports Studies

Publication details

Journal / source
INTERANTIONAL JOURNAL OF SCIENTIFIC RESEARCH IN ENGINEERING AND MANAGEMENT
Volume
10
Issue
01
Pages
1–9
Publication date
12 January 2026