खल सहभगत म सवसथय दशओ क भमक : एक ववचन
Abstract
योग की परंपरा अत्यंत प्राचीन है और इसकी उत्पत्ति हजारों वर्ष पहले हुई थी। ऐसा माना जाता है कि जब से सभ्यता शुरू हुई है, तभी से योग किया जा रहा है। प्राचीनतम धर्मों और आस्थाओं के जन्म लेने से काफी पहले योग का जन्म हो चुका था। योग विद्या में शिव को “आदि योगी” तथा “आदि गुरु” माना जाता है। भगवान शंकर के बाद वैदिक ऋषि-मुनियों से ही योग का प्रारंभ माना जाता है। बाद में कृष्ण, महावीर, बुद्ध ने इसे अपनी-अपनी तरह से विस्तार दिया। “दैहिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना ही स्वास्थ्य है।” “किसी व्यक्ति की मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से अच्छे होने की स्थिति को स्वास्थ्य कहते हैं।” स्वास्थ्य सिर्फ बीमारियों की अनुपस्थिति का नाम नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवन है। हमें सर्वांगीण स्वास्थ्य के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। स्वास्थ्य का अर्थ विभिन्न लोगों के लिए अलग-अलग होता है कि हम अपने जीवन में आने वाली सभी सामाजिक, शारीरिक तथा भावात्मक चुनौतियों का कठिनाइयों के साथ सामना करने में सक्षम हों।
Fields of Study & Subjects
Sports and Physical Education Studies
Physical Activity and Health
Physical education and sports games research
Publication details
- Journal / source
- INTERANTIONAL JOURNAL OF SCIENTIFIC RESEARCH IN ENGINEERING AND MANAGEMENT
- Volume
- 10
- Issue
- 01
- Pages
- 1–9
- Publication date
- 12 January 2026