Usefulness of computers in preserving Sanskrit language
Abstract
संस्कृत भाषा भारतीय सांस्कृतिक, दार्शनिक एवं वैज्ञानिक धरोहर की आधारशिला रही है। यह न केवल भारत की प्राचीनतम भाषाओं में से एक है, अपितु इसकी संरचना, व्याकरण एवं उच्चारण पद्धति वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अत्यंत उन्नत मानी जाती है। यद्यपि आधुनिक युग में संस्कृत का प्रयोग सीमित हो गया है, तथापि इस भाषा के संरक्षण एवं पुनरुत्थान के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी, विशेषतः सङ्गणक (कंप्यूटर) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हो रही है। सङ्गणक तकनीक ने संस्कृत भाषा के संरक्षण, अध्ययन एवं प्रसार को एक नई दिशा प्रदान की है। विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर, एप्लिकेशन एवं ऑनलाइन संसाधनों के माध्यम से संस्कृत साहित्य, शब्दकोश, व्याकरण ग्रंथ, श्लोक-संग्रह, एवं शैक्षणिक सामग्री को डिजिटल स्वरूप में संरक्षित किया जा रहा है। इससे न केवल शैक्षिक संस्थानों में अध्ययन की सुविधा बढ़ी है, अपितु वैश्विक स्तर पर संस्कृत सीखने वालों के लिए भी संसाधनों की उपलब्धता संभव हुई है। संस्कृत भाषा के लिए विशेष रूप से विकसित किए गए सॉफ़्टवेयर जैसे “Sanskrit Heritage Reader”, “Digital Sanskrit Buddhist Canon”, “Girvanapratishtha”, एवं अन्य OCR (Optical Character Recognition) उपकरण, संस्कृत ग्रंथों की डिजिटलीकरण प्रक्रिया को सरल बनाते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, एवं नैसर्गिक भाषा प्रसंस्करण (NLP) के क्षेत्र में भी संस्कृत के लिए मॉडल विकसित किए जा रहे हैं, जो संस्कृत के स्वचालित अनुवाद, पाठ विश्लेषण एवं उच्चारण सुधार आदि में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया, यूट्यूब चैनल, पॉडकास्ट आदि के माध्यम से संस्कृत को लोकप्रिय बनाया जा रहा है। विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रम, जैसे MOOCs (Massive Open Online Courses), संस्कृत भाषा को विश्वभर में उपलब्ध करा रहे हैं। इस प्रकार, सङ्गणक तकनीक संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार में एक सेतु के रूप में कार्य कर रही है। यदि इस दिशा में निरंतर अनुसंधान एवं नवाचार होता रहा, तो संस्कृत भाषा न केवल एक “संरक्षित धरोहर” के रूप में रहेगी, अपितु आधुनिक युग में एक “जीवंत एवं प्रासंगिक भाषा” के रूप में पुनः स्थापित हो सकेगी।
Fields of Study & Subjects
Digital Humanities and Scholarship
Natural Language Processing Techniques
Linguistics and Language Studies
Publication details
- Journal / source
- Shodh Manjusha An International Multidisciplinary Journal
- Volume
- 03
- Issue
- 01
- Pages
- 171–182
- Publication date
- 10 January 2026