सरदर पटल क सतर-सशकतकरण सबध दषटकण
Abstract
सरदार वल्लभभाई पटेल भारतीय इतिहास के उन महान नेताओं में से एक हैं जिनके योगदान को प्रायः राजनीतिक एकीकरण और प्रशासनिक दृढ़ता के संदर्भ में रेखांकित किया जाता है; किंतु उनकी सामाजिक दृष्टि, विशेषकर भारतीय स्त्री की स्थिति और उसकी उन्नति के प्रति संवेदनशीलता, समानरूप से उल्लेखनीय है। यह शोध–पत्र सरदार पटेल के स्त्री–सशक्तिकरण सम्बन्धी विचारों, उनका दृष्टिकोण और कार्य को प्रस्तुत करता है। शोध पत्र में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, बारडोली सत्याग्रह में महिलाओं के नेतृत्व, महिला–शिक्षा पर पटेल की अवधारणाओं, सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध उनके दृष्टिकोण, और स्वतंत्र भारत में महिलाओं के लिए नीति–निर्माण संबंधी उनके योगदान का गहन अध्ययन किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि पटेल स्त्री–सशक्तिकरण को न केवल सामाजिक सुधार का आधार, बल्कि राष्ट्रीय उत्थान की अनिवार्य शर्त मानते थे। यह शोध यह भी दर्शाता है कि आधुनिक भारत में महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, आर्थिक भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की चुनौतियों को समझने में पटेल के विचार अभी भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता-पूर्व और तत्कालीन काल में थे।
Fields of Study & Subjects
Military Technology and Strategies
Legal and Regulatory Analysis
Linguistic
Cultural
and Literary Studies
Publication details
- Journal / source
- ShodhPatra: International Journal of Science and Humanities.
- Volume
- 3
- Issue
- 1
- Pages
- 17–20
- Publication date
- 1 January 2026